चक्रवात ‘महा’ ले सकता है भयानक रूप
अरब सागर में चक्रवात की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से ही गुरुवार को केरल में जमकर वर्षा हुई घनघोर वर्षा के कारण लगभग 12 सौ लोगों को 11 राहत शिविरों में पहुंचाया गया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 20 घंटों में पूर्वी अरब सागर में चक्रवात ‘महा’ के अति गंभीर प्रभाव सामने आएंगे। मौसम विभाग की चेतावनी के बादमछुआरों को 2 नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में तूफान ‘महा’ लक्षद्वीप और उसके आसपास के इलाकों में भयंकर तबाही मचा सकता है।
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चक्रवात “महा” इस साल का चौथा बड़ा तूफान है। इस तूफान की वजह से आई एम डी ने लक्ष्यदीप में रेड अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं में अब तक 6 मछुआरे लापता हो गए हैं। जिनकी खोज की जा रही है। केरल में प्राकृतिक आपदा में 21 से 31 अक्टूबर के बीच अब तक एक की मौत, पांच घायल और आठ लोग लापता हैं।

मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट और बाकी के जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के बयान के मुताबिक, इस तूफान का केंद्र 9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 74 डिग्री एक मिनट पूर्वी देशांतर के बीच है। वही लक्ष्यदीप में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।
यह चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। लेकिन इसके पहले भारतीय मौसम विभाग और केरल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। तटरक्षक और अन्य एजेंसियां अब भी कोझिकोड के छह मछुआरों की तलाश कर रही हैं। तूफान से लोगों को बचाने की तैयारियों पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक मीटिंग भी की। कैबिनेट सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में केंद्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई गई। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन ने तूफान से बचने की सारी तैयारियां कर ली हैं।

